वाल्मीकि रामायण 4.44.1
विशेषेण तु सुग्रीवो हनूमति अर्थम् उक्तवान् ।स हि तस्मिन् हरि श्रेष्ठे निश्चितार्थो अर्थ साधने॥
viśeṣeṇa tu sugrīvo hanūmati artham uktavān |sa hi tasmin hari śreṣṭhe niścitārtho artha sādhane ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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