वाल्मीकि रामायण 4.63.5
उदिताम् मरणे बुद्धिम् मुनि वाक्यैः निवर्तये ।बुद्धिः या तेन मे दत्ता प्राणानाम् रक्षणे मम॥
uditām maraṇe buddhim muni vākyaiḥ nivartaye |buddhiḥ yā tena me dattā prāṇānām rakṣaṇe mama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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