वाल्मीकि रामायण 4.8.11
ततो रामम् स्थितम् दृष्ट्वा लक्ष्मणम् च महाबलम् ।सुग्रीवः सर्वतः चक्षुः वने लोलम् अपातयत्॥
tato rāmam sthitam dṛṣṭvā lakṣmaṇam ca mahābalam |sugrīvaḥ sarvataḥ cakṣuḥ vane lolam apātayat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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