वाल्मीकि रामायण 5.1.151
मम भक्षः प्रदिष्टस्त्वमीश्वरैर्वानरर्षभ ।अहं त्वा भक्षयिष्यामि प्रविशेदं ममाननम्॥
mama bhakṣaḥ pradiṣṭastvamīśvarairvānararṣabha |ahaṃ tvā bhakṣayiṣyāmi praviśedaṃ mamānanam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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