वाल्मीकि रामायण 5.13.10
तया मन्ये विशाल अक्ष्या त्यक्तम् जीवितम् आर्यया ।उपरि उपरि वा नूनम् सागरम् क्रमतः तदा॥
tayā manye viśāla akṣyā tyaktam jīvitam āryayā |upari upari vā nūnam sāgaram kramataḥ tadā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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