वाल्मीकि रामायण 5.13.19
कथम् नु खलु कर्तव्यम् विषमम् प्रतिभाति मे ।अस्मिन्न् एवम् गते कर्ये प्राप्त कालम् क्षमम् च किम्॥
katham nu khalu kartavyam viṣamam pratibhāti me |asminn evam gate karye prāpta kālam kṣamam ca kim ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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