वाल्मीकि रामायण 5.16.7
अस्या हेतोर् विशाल अक्ष्या हतो वाली महा बलः ।रावण प्रतिमो वीर्ये कबन्धः च निपातितः॥
asyā hetor viśāla akṣyā hato vālī mahā balaḥ |rāvaṇa pratimo vīrye kabandhaḥ ca nipātitaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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