वाल्मीकि रामायण 5.30.12
अनेन रात्रिशेषेण यदि नाश्वास्यते मया ।सर्वथा नास्ति सन्देहः परित्यक्ष्यति जीवितम्॥
anena rātriśeṣeṇa yadi nāśvāsyate mayā |sarvathā nāsti sandehaḥ parityakṣyati jīvitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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