वाल्मीकि रामायण 5.36.3
प्रत्ययार्थं तवानीतं तेन दत्तं महात्मना ।समाश्वसिहि भद्रं ते क्षीणदुःखफला ह्यसि॥
pratyayārthaṃ tavānītaṃ tena dattaṃ mahātmanā |samāśvasihi bhadraṃ te kṣīṇaduḥkhaphalā hyasi ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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