वाल्मीकि रामायण 5.38.16
दारयन् स च मां काकस्तत्रैव परिलीयते ।न चाप्युपारमन्मांसाद्भक्षार्थी बलिभोजनः॥
dārayan sa ca māṃ kākastatraiva parilīyate |na cāpyupāramanmāṃsādbhakṣārthī balibhojanaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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