वाल्मीकि रामायण 5.39.18
तस्य तद्वचनं श्रुत्वा सम्यक् सत्यं सुभाषितम् ।जानकी बहुमेने ऽथ वचनं चेदमब्रवीत्॥
tasya tadvacanaṃ śrutvā samyak satyaṃ subhāṣitam |jānakī bahumene 'tha vacanaṃ cedamabravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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