वाल्मीकि रामायण 5.39.21
मम चेदल्पभाग्यायाः सान्निध्यात्तव वानर ।अस्य शोकस्य महतो मुहूर्तं मोक्षणं भवेत्॥
mama cedalpabhāgyāyāḥ sānnidhyāttava vānara |asya śokasya mahato muhūrtaṃ mokṣaṇaṃ bhavet ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें