वाल्मीकि रामायण 5.39.23
तवादर्शनजः शोको भूयो मां परितापयेत् ।दुःखाद्दुःखपरामृष्टां दीपयन्निव वानर॥
tavādarśanajaḥ śoko bhūyo māṃ paritāpayet |duḥkhādduḥkhaparāmṛṣṭāṃ dīpayanniva vānara ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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