वाल्मीकि रामायण 5.49.19
अस्य क्रूरैर्नृशंसैश्च कर्मभिर्लोककुत्सितैः ।तेन बिभ्यति खल्वस्माल्लोकाः सामरदानवाः॥
asya krūrairnṛśaṃsaiśca karmabhirlokakutsitaiḥ |tena bibhyati khalvasmāllokāḥ sāmaradānavāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें