वाल्मीकि रामायण 5.49.7
नीलाञ्जनचयप्रख्यं हारेणोरसि राजता ।पूर्णचन्द्राभवक्रेण सबलाकमिवाम्बुदम्॥
nīlāñjanacayaprakhyaṃ hāreṇorasi rājatā |pūrṇacandrābhavakreṇa sabalākamivāmbudam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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