वाल्मीकि रामायण 5.58.114
तेषामशीतिसाहस्रं शूलमुद्गरपाणिनाम् ।मया तस्मिन् वनोद्देशे परिघेण निषूदितम्॥
teṣāmaśītisāhasraṃ śūlamudgarapāṇinām |mayā tasmin vanoddeśe parigheṇa niṣūditam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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