वाल्मीकि रामायण 5.58.123
बहुभी राक्षसैः सार्धं प्रेषयामास रावणः ।तं तु मन्दोदरीपुत्रं कुमारं रणपण्डितम्॥
bahubhī rākṣasaiḥ sārdhaṃ preṣayāmāsa rāvaṇaḥ |taṃ tu mandodarīputraṃ kumāraṃ raṇapaṇḍitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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