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वाल्मीकि रामायण 5.58.163
पुनर्दृष्ट्वा च वैदेहीं विसृष्टश्च तया पुनः॥
punardṛṣṭvā ca vaidehīṃ visṛṣṭaśca tayā punaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंपुनर्दृष्ट्वा च वैदेहीं विसृष्टश्च तया पुनः॥
punardṛṣṭvā ca vaidehīṃ visṛṣṭaśca tayā punaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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