वाल्मीकि रामायण 5.58.26
कर्तुमर्हसि रामस्य साहाय्यं विषये सती ।अथवा मैथिलीं दृष्ट्वा रामं चाक्लिष्टकारिणम्॥
kartumarhasi rāmasya sāhāyyaṃ viṣaye satī |athavā maithilīṃ dṛṣṭvā rāmaṃ cākliṣṭakāriṇam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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