वाल्मीकि रामायण 5.58.69
एतच्छ्रुत्वा वचस्तस्य रावणस्य दुरात्मनः ।उवाच परमक्रुद्धा सीता वचनमुत्तमम्॥
etacchrutvā vacastasya rāvaṇasya durātmanaḥ |uvāca paramakruddhā sītā vacanamuttamam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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