वाल्मीकि रामायण 5.6.2
आससाद अथ लक्ष्मीवान् राक्षस इन्द्र निवेशनम् ।प्राकारेण अर्क वर्णेन भास्वरेण अभिसम्व्Rतम्॥
āsasāda atha lakṣmīvān rākṣasa indra niveśanam |prākāreṇa arka varṇena bhāsvareṇa abhisamvRtam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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