वाल्मीकि रामायण 5.62.39
सन्निपत्य महावीर्यः सर्वैस्तैः परिवारितः ।हरिर्दधिमुखः पालैः पालानां परमेश्वरः॥
sannipatya mahāvīryaḥ sarvaistaiḥ parivāritaḥ |harirdadhimukhaḥ pālaiḥ pālānāṃ parameśvaraḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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