वाल्मीकि रामायण 6.10.14
यदा प्रभृति वैदेही सम्प्राप्तेह परतप ।तदा प्रभृति दृश्यन्ते निमित्तान्यशुभानि नः॥
yadā prabhṛti vaidehī samprāpteha paratapa |tadā prabhṛti dṛśyante nimittānyaśubhāni naḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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