वाल्मीकि रामायण 6.101.25
तं विमोक्षयितुं वीरश्चापमायम्य लक्ष्मणः ।रावणं शक्तिहस्तं वै शरवर्षैरवाकिरत्॥
taṃ vimokṣayituṃ vīraścāpamāyamya lakṣmaṇaḥ |rāvaṇaṃ śaktihastaṃ vai śaravarṣairavākirat ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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