वाल्मीकि रामायण 6.101.44
तां कराभ्यां परामृश्य रामः शक्तिं भयावहाम् ।बभञ्ज समरे क्रुद्धो बलवान् विचकर्ष च॥
tāṃ karābhyāṃ parāmṛśya rāmaḥ śaktiṃ bhayāvahām |babhañja samare kruddho balavān vicakarṣa ca ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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