वाल्मीकि रामायण 6.101.50
राज्यनाशं वने वासं दण्डके परिधावनम् ।वैदेह्याश्च परामर्शं रक्षोभिश्च समागमम्॥
rājyanāśaṃ vane vāsaṃ daṇḍake paridhāvanam |vaidehyāśca parāmarśaṃ rakṣobhiśca samāgamam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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