वाल्मीकि रामायण 6.101.56
अद्य रामस्य रामत्वं पश्यन्तु मम संयुगे ।त्रयो लोकाः सगन्धर्वाः सदेवाः सर्षिचारणाः॥
adya rāmasya rāmatvaṃ paśyantu mama saṃyuge |trayo lokāḥ sagandharvāḥ sadevāḥ sarṣicāraṇāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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