वाल्मीकि रामायण 6.101.62
तयोर्ज्यातलनिर्घोषो रामरावणयोर्महान् ।त्रासनः सर्वभूतानां सम्बभूवाद्भुतोपमः॥
tayorjyātalanirghoṣo rāmarāvaṇayormahān |trāsanaḥ sarvabhūtānāṃ sambabhūvādbhutopamaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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