वाल्मीकि रामायण 6.101.9
तानि चिच्छेद बाणौघैश्चक्राणि स तु राघवः ।आयुधानि च चित्राणि रावणस्य चमूमुखे॥
tāni ciccheda bāṇaughaiścakrāṇi sa tu rāghavaḥ |āyudhāni ca citrāṇi rāvaṇasya camūmukhe ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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