वाल्मीकि रामायण 6.105.9
ततो ऽयोन्यं सुसंरब्धावुभौ तौ रामरावणौ ।शरान्धकारे समरे नोपालक्षयतां तदा॥
tato 'yonyaṃ susaṃrabdhāvubhau tau rāmarāvaṇau |śarāndhakāre samare nopālakṣayatāṃ tadā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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