वाल्मीकि रामायण 6.107.17
जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नमः ।नमो नमः सहस्रांशो आदित्याय नमो नमः॥
jayāya jayabhadrāya haryaśvāya namo namaḥ |namo namaḥ sahasrāṃśo ādityāya namo namaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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