वाल्मीकि रामायण 6.107.18
नम उग्राय वीराय सारङ्गाय नमो नमः ।नमः पद्मप्रबोधाय मार्ताण्डाय नमो नमः॥
nama ugrāya vīrāya sāraṅgāya namo namaḥ |namaḥ padmaprabodhāya mārtāṇḍāya namo namaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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