वाल्मीकि रामायण 6.107.20
तमोघ्नाय हिमध्नाय शत्रुघ्नायामितात्मने ।कृतघ्नघ्नाय देवाय ज्योतिषां पतये नमः॥
tamoghnāya himadhnāya śatrughnāyāmitātmane |kṛtaghnaghnāya devāya jyotiṣāṃ pataye namaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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