वाल्मीकि रामायण 6.116.42
अयं व्याघ्रसमीपे तु पुराणो धर्मसंस्थितः ।ऋक्षेण गीतः श्लोको मे तन्निबोध प्लवङ्गम॥
ayaṃ vyāghrasamīpe tu purāṇo dharmasaṃsthitaḥ |ṛkṣeṇa gītaḥ śloko me tannibodha plavaṅgama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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