वाल्मीकि रामायण 6.116.6
वैदेहि कुशली रामः सहसुग्रीवलक्ष्मणः ।विभीषणसहायश्च हरीणां सहितो बलैः॥
vaidehi kuśalī rāmaḥ sahasugrīvalakṣmaṇaḥ |vibhīṣaṇasahāyaśca harīṇāṃ sahito balaiḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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