वाल्मीकि रामायण 6.116.8
विभीषणसहायेन रामेण हरिभिः सह ।निहतो रावणो देवि लक्ष्मणस्य नयेन च॥
vibhīṣaṇasahāyena rāmeṇa haribhiḥ saha |nihato rāvaṇo devi lakṣmaṇasya nayena ca ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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