वाल्मीकि रामायण 6.117.11
तस्यास्तद्वचनं श्रुत्वा प्रत्युवाच विभीषणः ।यदाह राजा भर्ता ते तत्तथा कर्तुमर्हसि॥
tasyāstadvacanaṃ śrutvā pratyuvāca vibhīṣaṇaḥ |yadāha rājā bhartā te tattathā kartumarhasi ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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