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वाल्मीकि रामायण 6.120.10
उपेक्षसे च वैदेहीं मानुषः पाकृतो यथा॥
upekṣase ca vaidehīṃ mānuṣaḥ pākṛto yathā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंउपेक्षसे च वैदेहीं मानुषः पाकृतो यथा॥
upekṣase ca vaidehīṃ mānuṣaḥ pākṛto yathā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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