वाल्मीकि रामायण 6.120.11
इत्युक्तो लोकपालैस्तैः स्वामी लोकस्य राघवः ।अब्रवीत्रिदशश्रेष्ठान् रामो धर्मभृतां वरः॥
ityukto lokapālaistaiḥ svāmī lokasya rāghavaḥ |abravītridaśaśreṣṭhān rāmo dharmabhṛtāṃ varaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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