वाल्मीकि रामायण 6.120.13
इति ब्रुवन्तं काकुत्स्थं ब्रह्मा ब्रह्मविदां वरः ।अब्रवीच्छृणु मे राम सत्यं सत्यपराक्रम॥
iti bruvantaṃ kākutsthaṃ brahmā brahmavidāṃ varaḥ |abravīcchṛṇu me rāma satyaṃ satyaparākrama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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