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वाल्मीकि रामायण 6.120.19
सहस्रशृङ्गो वेदात्मा शतजिह्वो महर्षभः॥
sahasraśṛṅgo vedātmā śatajihvo maharṣabhaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंसहस्रशृङ्गो वेदात्मा शतजिह्वो महर्षभः॥
sahasraśṛṅgo vedātmā śatajihvo maharṣabhaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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