वाल्मीकि रामायण 6.120.34
इममार्षं स्तवं नित्यमितिहासं पुरातनम् ।ये नराः कीर्तयिष्यन्ति नास्ति तेषां पराभवः॥
imamārṣaṃ stavaṃ nityamitihāsaṃ purātanam |ye narāḥ kīrtayiṣyanti nāsti teṣāṃ parābhavaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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