वाल्मीकि रामायण 6.122.13
न मे स्वर्गो बहुमतः सम्मानश्च सुरर्षिभिः ।त्वया राम विहीनस्य सत्यं प्रतिशृणोमि ते॥
na me svargo bahumataḥ sammānaśca surarṣibhiḥ |tvayā rāma vihīnasya satyaṃ pratiśṛṇomi te ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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