वाल्मीकि रामायण 6.123.5
मम हेतोः पराक्रान्ता ये गता यमसादनम् ।ते सर्वे जिवितं प्राप्य समुत्तिष्ठन्तु वानराः॥
mama hetoḥ parākrāntā ye gatā yamasādanam |te sarve jivitaṃ prāpya samuttiṣṭhantu vānarāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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