वाल्मीकि रामायण 6.126.11
एष सेतुर्मया बद्धः सागरे सलिलार्णवे ।तव हेतोर्विशालाक्षि नलसेतुः सुदुष्करः॥
eṣa seturmayā baddhaḥ sāgare salilārṇave |tava hetorviśālākṣi nalasetuḥ suduṣkaraḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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