वाल्मीकि रामायण 6.126.38
एषा गोदावरी रम्या प्रसन्नसलिला शिवा ।अगस्त्यस्याश्रमो ह्येष दृश्यते पश्य मैथिलि॥
eṣā godāvarī ramyā prasannasalilā śivā |agastyasyāśramo hyeṣa dṛśyate paśya maithili ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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