वाल्मीकि रामायण 6.126.48
एषा सा दृश्यते सीते सरयूर्यूपमालिनी ।नानातरुशताकीर्णा सम्प्रपुष्पितकानना॥
eṣā sā dṛśyate sīte sarayūryūpamālinī |nānātaruśatākīrṇā samprapuṣpitakānanā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें