वाल्मीकि रामायण 6.126.49
एषा सा दृश्यते ऽयोध्या राजधानी पितुर्मम् ।अयोध्यां कुरु वैदेहि प्रणामं पुनरागता॥
eṣā sā dṛśyate 'yodhyā rājadhānī piturmam |ayodhyāṃ kuru vaidehi praṇāmaṃ punarāgatā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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