वाल्मीकि रामायण 6.127.18
फलान्यमृतकल्पानि बहूनि विविधानि च ।भवन्तु मार्गे भगवन्नयोध्यां प्रति गच्छतः॥
phalānyamṛtakalpāni bahūni vividhāni ca |bhavantu mārge bhagavannayodhyāṃ prati gacchataḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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