वाल्मीकि रामायण 6.16.18
अब्रवीच्च तदा वाक्यम् जातक्रोधो विभीषणः ।अन्तरिक्षगतः श्रीमान् भ्रातरम् राक्षस अधिपम्॥
abravīcca tadā vākyam jātakrodho vibhīṣaṇaḥ |antarikṣagataḥ śrīmān bhrātaram rākṣasa adhipam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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